by vaibhav mane
KUMARI
कुमारी गृहकन्या च कन्या धृतकुमारिका |
कुमारी भेदनी शीता तिक्ता नेत्र्या रसायनी |
मधुरा ब्रहंणी बल्या वृष्या रातवीष प्रणुत ||
गुल्मप्लीहयकृद्वृध्दिकफज्वरहरी हरेत |
गन्याग्नि दग्धविस्फोट पित्तरक्तत्वगामयान ||
निदानस्थान click to dowload 1) Explain the sadhyaasadhyata of Prameha. ( 5 marks ) ...
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